
टीम इंडिया के पूर्व ट्रेनर रामजी श्रीनिवासन ने खुलासा किया है कि उन्होंने कभी भी सचिन तेंदुलकर (, महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा को वेट ट्रेनिंग के पीछे पागल होते नहीं देखा. उन्होंने कहा कि इन दिनों वेट ट्रेनिंग को लेकर अलग ही तरह का जुनून नजर आ रहा है, जो उनकी समझ से परे हैं. हालांकि कुछ खिलाडि़यों के लिए यह फायदेमंद हो सकता है, मगर फिटनेस के लिए यह एकमात्र रास्ता नहीं है. रामजी 2011 वर्ल्ड कप, 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि सचिन, वीरेंद्र सहवाग, धोनी और रोहित जिम जाते थे, मगर सभी का अलग कारण होता था. इनमें से किसी को भी वेट ट्रेनिंग करते नहीं देखा. सचिन का ध्यान कलाई और कंधे मजबूत करने पर था, जबकि धोनी नेचुरली फिट हैं. धोनी के करियर में उनकी चोटों को उंगलियों पर गिना जा सकता है.
रोहित और सहवाग भी जानते थे: पूर्व ट्रेनर ने कहा कि वीरेंद्र सहवाग को पता था कि उनका शरीर क्या चाहता है और कुछ ऐसा ही रोहित के साथ भी है. रोहित को कभी भी जिम में वजन उठाते नहीं देखा गया और वह युवराज सिंह की तरह लंबे छक्के मार सकते हैं. रामजी ने जहीर खान के बारे में कहा कि वो एक ऐसे क्रिकेटर थे, जिन्हें अपने शरीर की हर मांसपेशी के बारे में पता था. बतौर तेज गेंदबाज उन्हें पता था कि उन्हें किस तरह की ट्रेनिंग की जरूरत है. ताकि हैमस्ट्रिंग से बचा जा सके और कमर को मजबूत रखा जा सके. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी परेशानी ये है कि यह भूल जाते है कि जो बात एक के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, जरूरी नहीं कि बाकी खिलाडि़यों को भी इससे फायदा मिले.
जडेजा सबसे आगे मौजूदा टीम इंडिया में विराट कोहली को सबसे फिट खिलाड़ी माना जाता है, मगर रामजी ने फिटनेस और फील्डिंग के मामले में रवींद्र जडेजा को सबसे आगे रखा है. उन्होंने बताया कि जडेजा कभी वेट ट्रेनिंग नहीं करते. मगर इसके बावजूद फील्डिंग के समय उनका थ्रो देखने लायक होता है. उनकी फिटनेस का राज तेज दौड़ना है, जो उन्हें काफी पसंद है.