
देश में कोरोना के मामलों में बीते कुछ दिनों से बेहिसाब बढ़ोतरी हो रही है. गुरूवार शुक्रवार को ही भारत में करीब 2000 नए मामले सामने आए हैं. देशभर में अब कुल कोरोना मामलों की संख्या 7600 से भी ज्यादा हो गई है, जबकि करीब 240 लोगों की इस महामारी से अभी तक जान जा चुकी है. कोरोना से बचने के लिए सरकार ने देशभर में 14 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन किया है. लिहाजा, सभी लोग अपने-अपने घरों में ही हैं. टीम इंडिया के खिलाड़ी भी अपने घरों में ही परिवार के साथ समय बिता रहे हैं.
सरकार द्वारा 21 दिनों के लॉकडाउन की अवधि पूरी भी नहीं हुई है कि टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल की घर बैठे-बैठे हालत खराब हो गई है. लेग स्पिनर चहल ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान घर पर रह रहकर वह काफी थक गए हैं एक बार जब लॉकडाउन खुल जाएगा तो वह घर पर ही नहीं आएंगे. कोरोनावायरस की वजह से किए गए लॉकडाउन के कारण चहल सहित भारत के सभी क्रिकेटर्स 25 मार्च से ही अपने-अपने घरों में हैं. हालांकि चहल इस दौरान सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव दिखाई दे रहे हैं.
चहल ने एक टीवी शो में कहा, "मैं अपने घर से लॉकडाउन हो जाऊंगा. मैं घर लौटकर नहीं आऊंगा. मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता, घर पर नहीं रह सकता. इन दिनों मैं जितना वक्त घर पर रह लिया हूं यह अगले तीन साल के लिए काफी है. मैं पास के किसी होटल में रह लूंगा लेकिन घर नहीं आऊंगा. मेरे लिए इतना काफी है. मैं लॉकडाउन के दिनों को बर्दाश्त नहीं कर सकता." उन्होंने कहा कि जिस दिन भी लॉकडाउन हटेगा वह मैदान पर जाएंगे वहां कम से कम एक गेंद जरूर फेंकेंगे.
चहल ने कहा, " मैं मैदान पर जाऊंगा. मैं सही मायनों में गेंदबाजी करना चाहता हूं. जब बहुत क्रिकेट होता है तो हम कहते हैं ' बहुत ज्यादा मैच हो रहे हैं' लेकिन अब कोई ऐक्शन नहीं है तो हम उसे मिस कर रहे हैं. मैं गेंदबाजी मिस कर रहा हूं. मैं आज जो भी हूं सिर्फ क्रिकेट की वजह से हूं. जिस दिन लॉकडाउन खत्म होगा मैं बेशक मैदान पर जाकर गेंदबाजी करूंगा, भले ही एक गेंद फेंकूं." बताते चलें कि देश में कोरोना वायरस की वजह से बनी मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार 14 अप्रैल के बाद 2 हफ्तों के लिए लॉकडाउन बढ़ा सकती है.