Wednesday, 15 April 2020

बड़ा आरोप : इमरान खान ने पाकिस्तान के इस दिग्गज खिलाड़ी को टीम से बाहर निकलवाया, रची थी साजिश


पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास में शायद ही जावेद मियांदाद जैसा कोई दूसरा बल्लेबाज हुआ होगा. अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से जावेद मियांदाद (Javed Miandad) ने पाकिस्तान क्रिकेट को पूरी तरह से बदल कर रख दिया था. 90 के दशक में मियांदाद जैसा बल्लेबाज शायद ही कोई होगा लेकिन इसके बावजूद इस दिग्गज खिलाड़ी को पाकिस्तान की टीम से बाहर कर दिया गया था और इसकी वजह थे इमरान खान. पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने एक इंटरव्यू में यही दावा किया है.

1993 में टीम से बाहर हुए मियांदाद
साल 1993 में पाकिस्तान की टीम से जावेद मियांदाद (Javed Miandad) को बाहर कर दिया गया, उस वक्त कप्तानी वसीम अकरम के हाथ में थी. बासित अली (Basit Ali) को जावेद मियांदाद की जगह चुना गया और उन्हें मियांदाद के नंबर 6 पर खेलने के लिए कहा गया. बासित अली ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि जावेद मियांदाद को टीम से बाहर करने के लिए साजिश रची गई थी. बासित अली ने कहा कि मियांदाद को बाहर करने के लिए उन्हें मोहरा बनाया गया.

बासित अली ने कहा, '1993 में जावेद मियांदाद (Javed Miandad) को टीम से बाहर करने के लिए साजिश रची गई थी. ईमानदारी से कहूं तो मैं मियांदाद का एक फीसदी भी नहीं था. मैं नंबर 4 पर बल्लेबाजी करता था और जब वो टीम से बाहर हुए तो मुझे नंबर 6 पर कर दिया गया. उस वक्त वसीम अकरम कप्तान थे लेकिन मियांदाद को बाहर करने का आदेश इमरान खान (Imran Khan) ने दिया था.' मियांदाद के लिए बासिल अली ने वर्ल्ड कप छोड़ा!
बासित अली ने दावा किया कि जावेद मियांदाद (Javed Miandad) हर सूरत में 1996 का वर्ल्ड कप खेलना चाहते थे और वो हर खिलाड़ी के पास जाकर उन्हें वर्ल्ड कप टीम में शामिल कराने की बात कह रहे थे. बासित अली ने कहा कि मियांदाद 6 वर्ल्ड कप खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनना चाहते थे. इसके बाद मैंने वर्ल्ड कप टीम से अपना नाम वापस ले लिया ताकि मियांदाद वर्ल्ड कप खेल सकें. बता दें 1996 वर्ल्ड कप में जावेद मियांदाद का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था. वो 5 मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए थे. उनके बल्ले से 27 की औसत से महज 54 रन निकले थे. पूरे वर्ल्ड कप में मियांदाद सिर्फ 3 चौके लगा सके थे.