
टीम इंडिया (Team India) के पूर्व आलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने पिछले वर्ष दुनिया कप के दौरान अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। तब से लेकर अब तक रह-रहकर वो हिंदुस्तान के लिए व ज्यादा न खेल पाने का अपना दर्द बयान करते रहे हैं।
स्वाभाविक स्ट्रोक प्लेयर रहे युवराज सिंह ने अपने संन्यास के करीब नौ महीने बाद खुलकर इस बात को स्वीकार किया है कि उन्हें महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) व विराट कोहली (Virat Kohli) से बतौर कैप्टन वैसा साथ व समर्थन नहीं मिला, जैसा कि सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) से मिला था। खास बात है कि धोनी की कप्तानी में हिंदुस्तान ने 2007 में टी20 दुनिया कप व 2011 में वनडे दुनिया कप जीता था। इन दोनों में ही युवराज सिंह का अहम सहयोग था। 2011 में तो युवी मैन आफ द टूर्नामेंट भी चुने गए थे।
युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने वर्ष 2000 में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी में अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर की आरंभ की थी व तब टीम इंडिया की कमान मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने संभाल रखी थी। ये मैच आस्ट्रेलिया के विरूद्ध था। तब से लेकर युवराज सिंह ने राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, एमएस धोनी व विराट कोहली की कप्तानी में खेलना जारी रखा।
गांगुली के साथ ज्यादा यादें जुड़ी हैं
हालांकि बाएं हाथ के बेहतरीन बल्लेबाज युवराज सिंह (Yuvraj Singh) अपने पहले कैप्टन को सबसे उपर रखते हैं। स्पोट्रर्सस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, मैंने सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) के साथ क्रिकेट खेला व उन्होंने मुझे बहुत सपोर्ट किया। इसके बाद माही कैप्टन बने। धोनी व सौरव में से चुनाव करना कठिन सवाल है, लेकिन जिस तरह से सौरव गांगुली ने मेरा साथ दिया, उसकी वजह से उनके साथ मेरी ज्यादा यादें जुड़ी हैं। मुझे नहीं लगता कि धोनी (Ms Dhoni) व विराट कोहली (Virat Kohli) से मुझे ऐसा सपोर्ट मिला।
हालांकि बाएं हाथ के बेहतरीन बल्लेबाज युवराज सिंह (Yuvraj Singh) अपने पहले कैप्टन को सबसे उपर रखते हैं। स्पोट्रर्सस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, मैंने सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) के साथ क्रिकेट खेला व उन्होंने मुझे बहुत सपोर्ट किया। इसके बाद माही कैप्टन बने। धोनी व सौरव में से चुनाव करना कठिन सवाल है, लेकिन जिस तरह से सौरव गांगुली ने मेरा साथ दिया, उसकी वजह से उनके साथ मेरी ज्यादा यादें जुड़ी हैं। मुझे नहीं लगता कि धोनी (Ms Dhoni) व विराट कोहली (Virat Kohli) से मुझे ऐसा सपोर्ट मिला।
सीनियर्स के लिए मेरे मन में सम्मान
अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने कहा, मैंने वर्ष 2000 में आरंभ की थी, तब कोई आईपीएल नहीं था। मैं अपने आदर्श खिलाड़ियों को टीवी पर देखता था व आकस्मित ही मुझे उनके साथ बैठने का मौका मिल गया। मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है व मैंने उनसे सीखा कि मीडिया से किस तरह बात करनी चाहिए। आपका व्यवहार कैसा होना चाहिए। मौजूदा वक्त में कठिन से ही कोई सीनियर खिलाड़ियों को गाइड करता है।
अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने कहा, मैंने वर्ष 2000 में आरंभ की थी, तब कोई आईपीएल नहीं था। मैं अपने आदर्श खिलाड़ियों को टीवी पर देखता था व आकस्मित ही मुझे उनके साथ बैठने का मौका मिल गया। मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है व मैंने उनसे सीखा कि मीडिया से किस तरह बात करनी चाहिए। आपका व्यवहार कैसा होना चाहिए। मौजूदा वक्त में कठिन से ही कोई सीनियर खिलाड़ियों को गाइड करता है।
लॉकडाउन पर कहे युवराज सिंह
टीम इंडिया को 2011 का दुनिया कप जिताने वाले युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने देश में लागू लॉकडाउन को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा, इसके फायदे व नुकसान दोनों हैं। ये देखना दुखद है कि कोरोना वायरस के चलते दुनियाभर में लोगों की जान जा रही है। ये तेजी से फैल रहा है। जब मुझे कैंसर था, तब आरंभ में मैं भी बहुत भय गया था, लेकिन फिर मुझे इस बारे में ठीक जानकारी मिली। मैं ठीक अस्पताल में ठीक चिकित्सक के पास गया। इसलिए बीमारी को समझना बहुत महत्वपूर्ण है।
टीम इंडिया को 2011 का दुनिया कप जिताने वाले युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने देश में लागू लॉकडाउन को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा, इसके फायदे व नुकसान दोनों हैं। ये देखना दुखद है कि कोरोना वायरस के चलते दुनियाभर में लोगों की जान जा रही है। ये तेजी से फैल रहा है। जब मुझे कैंसर था, तब आरंभ में मैं भी बहुत भय गया था, लेकिन फिर मुझे इस बारे में ठीक जानकारी मिली। मैं ठीक अस्पताल में ठीक चिकित्सक के पास गया। इसलिए बीमारी को समझना बहुत महत्वपूर्ण है।
सबसे ज्यादा वनडे गांगुली की कप्तानी में खेले
युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने हिंदुस्तान के लिए 304 वनडे खेले हैं, जिनमें से उन्होंने 110 सौरव गांगुली की कप्तानी में खेले। इसके बाद 104 मैच उन्होंने धोनी की कप्तानी में खेले। दिलचस्प बात है कि इन 104 मैचों में उन्होंने 37 की औसत से 3077 रन बनाए, जबकि गांगुली की कप्तानी में खेले गए 110 वनडे में युवी ने 30 की औसत से 2640 रन बनाए।
युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने हिंदुस्तान के लिए 304 वनडे खेले हैं, जिनमें से उन्होंने 110 सौरव गांगुली की कप्तानी में खेले। इसके बाद 104 मैच उन्होंने धोनी की कप्तानी में खेले। दिलचस्प बात है कि इन 104 मैचों में उन्होंने 37 की औसत से 3077 रन बनाए, जबकि गांगुली की कप्तानी में खेले गए 110 वनडे में युवी ने 30 की औसत से 2640 रन बनाए।